अजब गजब – ये हैं मौत के कुछ रहस्य जिसकी जानकारी आपको नहीं होगी|

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अजब गजब – ये हैं मौत के कुछ रहस्य जिसकी जानकारी आपको नहीं होगी|

मौत सत्य है। हर जीव मरता है। हर के जीवन में एक ऐसा मौका आता है कि वह अपना यह शरीर छोड़ देता है। मृत्यु के बाद भौतिक शरीर का तो संस्कार कर दिया जाता है लेकिन जो शरीर से निकल जाता है उसका क्या होता है वह अभी तक रहस्य बना हुआ है। कुछ लोग उसे आत्मा कहते हैं। हालांकि विज्ञान इस बात को अभी भी पूरी तरह से मानने को तैयार नहीं है कि शरीर में कोई आत्मा जैसे चीज भी होती है और मृत्यु के बाद वह शरीर से निकल जाती है। मसलन विज्ञान के पास इस रहस्य का अभी तक कोई ठोस उत्तर भी नहीं है। लिहाजा इस बात को मानना ही पड़ेगा कि शरीर में आत्मा होती है जो मृत्यु के बाद निकल जाती है या कहीं चली जाती है। आज हम आपको कुछ इसी प्रकार की बात बताने वाले हैं। मौत से जुड़े कुछ रहस्यों पर से पर्दा हटाने की कोशिश करने वाले हैं। मसलन हम भी आपको यह नहीं बता पाएंगे कि आखिर मौत का रहस्या क्या है लेकिन उसके नजदीक तक जरूर लेकर जाएंगे जहां आपकी जिज्ञासा थोड़ी शांत जरूर हो जाएगी।

मौत एक सत्य है जिसे आज तक कोई बदल नहीं पाया है, जो भी इस संसार में आया है उसकी मृत्यु निश्चित है। इसिलए तो कहते है की जिंदगी मिली है तो जिंदगी के मजे लो क्योंकि एक ना एक दिन यह खत्म हो ही जानी है। पर हर इंसान मौत से डरता है चाहे वो खुद की हो या किसी और की। मौत से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में बताने की कोशिश कर रहा हूँ, तसल्ली से पढि़ए। तो जानिए मौत से जुड़े अनेक ऐसे तथ्यों के बारे में जिनके बारे में शायद ही आपको जानकारी हो।

आपको पता नहीं होगा लेकिन यह सत्य है कि यदि आदमी का सिर काट दिया जाए तो भी वह 20 सेकेंड तक जिंदा रहता हैं। लेकिन अगर किसी आदमी के सिर में गोली लग जाए तो वह तुरंत मर जाता हैं। ऐसा हर बार नहीं होता। सुबह 3:00 से 4:00 बजे के बीच आपका शरीर सबसे कमज़ोर होता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोगो की नींद में मृत्यु इसी समय होती है। धरती की तुलना में पानी में शव 4 गुना तेजी से सड़ता हैं। डॉक्टरो की खराब लिखावट के कारण हर साल 7 हजार लोगो की मौत हो जाती हैं। उल्टे हाथ से लिखने वाले लोग सीधे हाथ से लिखने वाले लोगो की तुलना में 3 साल पहले मरते है। किसी भी व्यक्ति की मौत की वजह बुढ़ापा नही, बल्कि बुढ़ापे में होने वाले रोग हैं।

मौत के 3 दिन बाद ही हमारे पेट में पाए जाने वाले एन्जाइम्स (जो भोजन को पचाने का काम करते है) वो शरीर को ही अंदर से खाने लगते है। शार्कों द्वारा हर साल सिर्फ 12 मनुष्य मारे जाते है बल्कि हमारे द्वारा हर घंटे 11,417 शार्क मारी जाती हैं। भारत में हर घंटे एक महिला की मौत दहेज संबधी कारणों से होती हैं। जिन बीमारियों का इलाज आसानी से किया जा सकता है उनकी वजह से भी हर साल 4 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। मरे हुए आदमी को पिछले साढ़े 3 लाख सालों से जलाते आ रहे हैं। प्रथम विश्वयुद्ध में 4 करोड़ और द्वितीय विश्वयुद्ध में 6 करोड़ लोग मारे गए थे। हर साल 150 लोगों की मौत सिर पर नारियल गिरने की वजह से होती हैं।

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