एक दिन में कितने गिलास पानी पीना चाहिए? जानिए नियमित रूप से कितना पानी आपके लिए है जरूरी है।

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एक दिन में कितने गिलास पानी पीना चाहिए? जानिए नियमित रूप से कितना पानी आपके लिए है जरूरी है।

गर्मियों में पानी की कमी एक आम समस्या है। ऐसे में घर से बाहर जानें वाले या कसरत करने वाले हर व्यक्ति को अपनी पानी की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। यही नहीं, पानी की मात्रा कई चीज़ों पर निर्भर करती है, जैसे व्यक्ति की लिंग, उम्र, शारिरिक गतिविधियां आदि। तो आप भी जानें कितना पानी आपके लिए है जरूरी।

शहर के बढ़ते तापमान ने लोगों के पसीने छुड़ा रखे है। घर से बाहर निकलना तो दूर, लोग एसी के आगे से हटना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। लेकिन उन लोगों का क्या, जिनका इस बढ़ती गर्मी में बाहर निकलना मजबूरी बन गया है। ऐसे में उन लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा आपकी सारी एलर्जी ले लेती है। ऐसे में आपके लिए खुद को एक्टिव और हाइड्रेटिड रखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस गर्मी से लड़ने के लिए सिर्फ पानी पीना ही काफी है। जी हैं, आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि गर्मियों में पानी की कमी न हो, इसलिए हर थोड़ी देर में पेय पदार्थों को अपने रूटीन में शामिल करना चाहिए। लेकिन पानी पीने की मात्रा भी कई चीज़ों पर निर्भर करती है।

ये बातें रखें ध्यान

ज्यादातर लोग इस बात से सहमत हैं कि हमें दिन में औसतन 8 गिलास पानी पीना चाहिए, लेकिन पानी की यह मात्रा कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि लिंग, उम्र, शारीरिक गतिविधियों का स्तर और पार्यावरण। चिकित्सा विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस व्यक्ति की दोनों किडनी ठीक काम कर रही हों, उसे दिन में अपने शरीर के वजन के अनुपात में प्रति एक किलोग्राम पर 30 मिलीलीटर पानी पीना चाहिए।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है, हम पानी पीना कम कर देते हैं, लेकिन आवश्यक मात्रा में पानी पीना हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि किडनी का रोग होने पर ज्यादा पानी पीने से किडनी को कोई फायदा नहीं होता, बल्कि डॉक्टर पानी पीने की सीमा तय कर सकता है।

जब तक किडनियों की कार्यप्रणाली 10 से 15 मिलीलीटर प्रति मिनट से कम न हो जाए, तो आम तौर पर होमियोस्टेटिक मैकनिज्म के जरिए सोडियम और इंट्रावस्कुलर वोल्यूम बैलेंस बना रहता है। उन्होंने बताया कि उल्टी, डायरिया, ड्यूरेटिक या हायपोवोल्मिया होने पर गुर्दो की कार्यप्रणाली कमजोर पड़ सकती है। उल्टी या दस्त के कारण शरीर में कम हुई तरलता की भरपाई के लिए ऐसे मरीजों को अधिक पानी की जरूरत होती है।

फिजिकल एक्टिविटी से करें मात्रा तय

आपकी शारीरिक गतिविधियां आपके पानी की मात्रा तय करती हैं। जैसे, अगर आप कसरत करते हैं तो आपके शरीर से पसीने के जरिए ज्यादा पानी निकलेगा और आपको उसकी पूर्ति के लिए ज्यादा पानी पीना होगा। आधे घंटे की कसरत के बाद एक या दो गिलास अतिरिक्त पानी उसकी भरपाई कर देंगे। अगर आप ज्यादा समय के लिए या गर्म माहौल में कसरत कर रहे हैं तो आपको कम से कम तीन गिलास अतिरिक्त पानी पीना चाहिए।

आपका माहौल, आपकी पानी की जरूरत पर असर करता है। गर्म मौसम में पसीने की वजह से जाने वाले पानी की पूर्ति के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिए। ऊंचाई पर रहने वाले लोगों को भी ज्यादा पानी पीना चाहिए, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से सांस ज्यादा तेजी से चलती है और उस दौरान नमी का ज्यादा नुकसान होता है।

उन्होंने कहा कि माहौल कैसा भी हो, सभी को गर्मी में अधिक पानी पीना चाहिए, क्योंकि गर्मी और घर से बाहर बिताए ज्यादा समय की वजह से शरीर से पानी काफी मात्रा में कम हो जाता है। तो इन गर्मियों में खुद को हेल्दी रखने के लिए अपनी पानी की मात्रा को नियंत्रित रखें और हेल्दी डाइट लें। ताकि शरीर को पानी की कमी से बचाया जा सके और स्वस्थ रहा जा सके।

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